Sunday, June 4, 2023

मिला करो यारों,

 


मिला करो यारों,

बात कर लिया करो,

पता नहीं ज़िन्दगी का कौनसा मोड़ आखरी हो,

हम याद करे उनको और वो न हो,


दूरी तो रहेगी,

पर दिल से दिल जुड़ा रहे,

हर पल हर दिन अपनों का याद रहे,

पता नहीं ज़िन्दगी का कौनसा लम्हा आखरी हो,

हम याद करे उनको और वो न हो,


दिल करे तो बात कर लिया करो,

मन करे तो मिल लिया करो,

पता नहीं कल हो न हो,

कहीं ऐसा न हो वो सिर्फ तुम्हारे याद में ही रह जाए,


मिला करो यारों,

बात कर लिया करो, 


by हरीश शेट्टी, शिर्वा


Friday, February 17, 2023

दर्द

 

दर्द मिटता नहीं है इतनी जल्दी,

वक़्त लगता है ज़ख्म भरने में,

आप तो चोट पहुंचाकर चल दिए उस पार,

दरार तो पड़ ही गयी बीच दीवार,

अब तो दूर दूर रहना ही है बेहतर, तुम खुश रहो उस पार,

हम खुश रहेंगे इस पार|


हरीश शेट्टी, शीर्वा


Monday, February 13, 2023

माँ की रोटियाँ


खाये है बहुत से पाक पकवान हमने,

पर फीका लगता है स्वाद बचपन में खायी माँ के रोटियों के सामने,

क्या स्वाद था माँ के रोटियों में,

प्यार घुला होता था उसमे,


पहले अपने प्यारे प्यारे कोमल हाथों से आटा गूंधना,

उसके बाद गोल गोल बेलना,

और अंगीठी के सामने बैठकर उसे सेकना,

अजीब सी कलाकारी थी माँ के हाथों में,


नए नए तरीके थे माँ के पास रोटी खिलाने के,

कभी खिलाती थी शक्कर के साथ,

कभी गुड़ के साथ,

और कभी दूध में मिलाकर,


कभी कभी अधजली रोटी भी खिलाती थी,

पर स्वाद उसकी भी अनोखी होती थी,

शायद माँ उस वक़्त कुछ उदास बीमार सी रहती थी,

उस पर अंगीठी की आग और ताप बढ़ाती थी,

पर माँ उस हालत में भी रोटियां सेकती थी,


कहीं बार माँ को रोते हुए रोटी सेकते हुए भी देखता था,

पूछो तो टाल देती थी और अपना दर्द दबाती थी,

कहती थी बैठी हूँ अँगीठी की सामने,

इसलिए आँख से बह रहा है पानी,


उस दिन मिलता था स्वादिष्ट नमकीन रोटियां खाने में,

शायद माँ के आँसू मिले होते थे उसमे,

आती है नितदिन माँ की बहुत  याद,

कैसे भूले भला त्याग की मूरत माँ के रोटियों का स्वाद|


by हरीश शेट्टी, शिर्वा

Friday, February 10, 2023

मेरे दिल को बच्चा ही रहने दो

 



मुझे बच्चा ही रहने दो,

मेरे दिल को बच्चा ही रहने दो,

नहीं समझ में आती है मुझे ये दुनियादारी,

ये द्वेष, लालच, नफरत, धन दौलत की खुमारी,

मुझे इन सब पचड़ों से दूर रहने दो,

मेरे दिल को बच्चा.....


सह नहीं पायेगा ये मेरा नादान दिल आप सबकी ये उपेक्षा,

हँसते रहना, मस्ती करने की है केवल इसकी आशा,

मुझे इस दोगलेपन से दूर रहने दो,

मेरे दिल को बच्चा.....

 

ये दिल तो है केवल प्यार का भूखा,

चाहत है तो सिर्फ खिलखिलाते रहने, नाचने गाने का,

मुझे बस खुल के जीने दो,

मेरे दिल को...


by हरीश शेट्टी, शिरवा

Tuesday, October 4, 2022

ಅಮ್ಮ ಸಿದ್ಧಿಧಾತ್ರಿ



ಪರಮಾನಂದಮಯಿ ದೇವಿ, ಪರಮ ಶಕ್ತಿಶಾಲಿ,

ಕಷ್ಟ ನಿವಾರಣಿ ಮಾತೆ,

ಅಮ್ಮ ಸಿದ್ಧಿಧಾತ್ರಿ ನಮೋಸ್ತುತೆ,


ಭವಸಾಗರ ತರಿಣಿ ಸಿಂಹವಾಹಿನಿ,

ಕಮಲಸ್ಥಿತೇ ಸಿದ್ಧಿಧಾತ್ರಿ ಯಶಸ್ವಿನಿ,

ಶಂಖ ಚಕ್ರ ಗದ ಪದ್ಮ ಹಸ್ತೇ, 

ಅಮ್ಮ ಸಿದ್ಧಿಧಾತ್ರಿ ನಮೋಸ್ತುತೆ...


ನಿರಾಕಾರ ಆದಿಶಕ್ತಿ,

ವೈಭವ ಮಹಿಮೆಯ ಮೂಲಶಕ್ತಿ,

ಪರಿಪೂರ್ಣತೆ ನೀಡುವ ದೇವತೆ,

ಅಮ್ಮ ಸಿದ್ಧಿಧಾತ್ರಿ ನಮೋಸ್ತುತೆ....


ಧರ್ಮಾರ್ಥಕಮಾ ಪ್ರದಾಯಿಣಿ,

ಮಹಾಮೋಹ ವಿನಾಶಿನಿ,

ಮೋಕ್ಷದಾಯಿನಿ ಸಿದ್ಧಿದಾಯಿನಿ ಮಾತೆ,

ಅಮ್ಮ ಸಿದ್ಧಿಧಾತ್ರಿ ನಮೋಸ್ತುತೆ...


ಓಂ ದೇವಿ ಸಿದ್ಧಿಧಾತ್ರಿಯೈ ನಮಃ||


by ಹರೀಶ್ ಶೆಟ್ಟಿ,ಶಿರ್ವ

Monday, October 3, 2022

ಅಮ್ಮ ಮಹಾಗೌರಿ



ದುರ್ಗಾಷ್ಟಮಿಯ ಪಾವನ ದಿವಸ,

ಬನ್ನಿ, ಅಮ್ಮ ಮಹಾಗೌರಿಯ ಮಾಡುವ ಸ್ವಾಗತ,


ಸುಂದರ ಆಕರ್ಷಣೀಯ ಮುಖ ಲಕ್ಷಣ,

ಸರಳ ಸೌಮ್ಯ ಸ್ವಭಾವ,

ಬರುವಳು ಶ್ವೇತಾಂಬರಧಾರಿಣಿ ಚೈತನ್ಯಮಯ ದೇವಿ ಮಾತಾ,

ಬನ್ನಿ, ಅಮ್ಮ ಮಹಾಗೌರಿಯ ಮಾಡುವ ಸ್ವಾಗತ...


ದುರ್ಗಾದೇವಿಯ ಎಂಟನೇ ಶಕ್ತಿ,

ಗಣೇಶನ ಅಮ್ಮ ಪಾರ್ವತಿಯ ರೂಪ ಸತ್ತ್ವ,

ಬರುವಳು ಗೂಳಿ ಮೇಲೆ ಕುಳಿತು ಅನ್ನಪೂರ್ಣ ದೇವಿ ಮಾತಾ,

ಬನ್ನಿ, ಅಮ್ಮ ಮಹಾಗೌರಿಯ ಮಾಡುವ ಸ್ವಾಗತ...


ಸುಖ ಶಾಂತಿಧಾತ್ರಿ,

ಧನ ಧಾನ್ಯ ಪ್ರದಾಯಿನಿ,

ಬರುವಳು ಶಾರದೀಯ ಎಂಟನೇ ದಿವಸ ಢಮರು ವಾದ್ಯ ಪ್ರಿಯ ಮಾತಾ, ಬನ್ನಿ,

ಅಮ್ಮ ಮಹಾಗೌರಿಯ ಮಾಡುವ ಸ್ವಾಗತ..


ಓಂ ದೇವಿ ಮಹಾಗೌರಿಯೇ ನಮಃ||


by ಹರೀಶ್ ಶೆಟ್ಟಿ, ಶಿರ್ವ

ಸಿದ್ಧಿದಾತ್ರಿ